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बिहार की किन्हीं दो नदी घाटी परियोजनाओं का वर्णन करें, हिंदी में - Sagar Research Center

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जय हिन्द साथियों आज के इस पोस्ट में हमलोग जानने वाले है, बिहार के किन्ही दो महत्पूर्ण नदी घाटी परियोजनाओं के बारे में। यह महत्पूर्ण परियोजना बिहार एवं भारत के सभी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से बहुत ही महत्वपूर्ण होने वाला है। 

यह परियोजना खास तौर पर बिहार के विभिन्न परीक्षाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, जिसे आप एक बार जरुर पढ़े और समझे।

Major River Valley Projects of Bihar

बिहार के प्रमुख नदी घाटी परियोजनाएं : - नदी / घाटी योजना का प्राथमिक उद्देश्य होता है, किसी नदीघाटी के अंतर्गत जल और थल का मानवहितार्थ पूर्ण उपयोग हो।

नदियों की घाटियो पर बड़े - बड़े बाँध बनाकर ऊर्जा, सिंचाई, पर्यटन स्थलों की सुविधाएं प्राप्त की जातीं हैं।

किसी नदी घाटी की योजना के सफलीभूत होने के लिए आवश्यक यह होता है कि संपूर्ण विकासकार्य प्रशासन की दृष्टि से एक ही सूत्र में बँधे हों।

इसे भी पढ़ें - बिहार के प्रमुख बाँध / नदी घाटी परियोजनाओं की जानकारी हिंदी में।

बिहार की मुख्य नदी घाटी परियोजनाओं के नाम : - 

(i) सोन नदी घाटी परियोजना : - यह परियोजना बिहार की सबसे पुरानी तथा पहली नदी घाटी परियोजना है। इस परियोजना का विकास अंग्रेज सरकार द्वारा 1874 ई० में हुआ। इसमें डेहरी के निकट से पूरब एवं पश्चिम की ओर नहरें निकाली गई हैं। इसकी कुल लम्बाई 130 किमी है। इस नहर से पटना एवं गया जिलें में कई शाखाएँ तथा उपशाखाएँ निकाली गई हैं जिससे औरंगाबाद, भोजपुर, बक्सर, रोहतास जिले की भूमि सिंचाई की जाती हैं। वर्तमान में इससे कुल 4.5 लाख हेक्टेयर खेतों की सिंचाई की जाती है। सूखा प्रभावित क्षेत्र की सिंचाई की सुविधा प्राप्त होने से बिहार का दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र का प्रति हेक्टेयर उत्पादन बढ़ गया है और चावल की अधिक खेती होने लगी है। इस कारण से इस क्षेत्र को चावल का कटोरा कहते हैं। 

(ii) गंडक नदी घाटी परियोजना : - इस परियोजना का निर्माण गंडक नदी पर हुआ तथा इसका मुख्यालय वाल्मीकिनगर है। इस परियोजना द्वारा गंडक नदी क्षेत्र की विशाल भूमि पर सिंचाई तथा विद्युत उत्पादन होता है। इसमें मुख्यतः पूर्वी एवं पश्चिमी चम्पारण, भैसालोटन (वाल्मीकि नगर), वीरपुर आदि के क्षेत्र आते हैं। परियोजना से पूर्व यह क्षेत्र गंडक की व्यापक विनाशलीला से संत्रस्त था। परियोजना के निर्माण के बाद 'इस क्षेत्र का सर्वतोमुखी विकास हुआ है।

बिहार के प्रमुख नदी / घाटी परियोजनाएं (Major Dams / River Valley Projects of Bihar) : -  

  • कोसी परियोजना (Kosi Project) : - 

कोसी परियोजना बिहार की प्रमुख नदी घाटी परियोजना है जो कोसी नदी पर बनी है कोसी परियोजना की स्थापना 1953 में की गई थी जो 1965 बनकर तैयार हुई

  • गंडक परियोजना (Gandak Project) : - 

गंडक परियोजना भारत और नेपाल की संयुक्त परियोजना है इस परियोजना के लिए भारत तथा नेपाल के बीच दिसंबर 1959 में समझौता हुआ, और 1960 में बाँध निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया इस परियोजना से लाभांवित राज्य बिहार, उत्तर प्रदेश और नेपाल देश है

FAQ For Major River Valley Projects of Bihar : - 

Q. बिहार की सबसे बड़ी परियोजना कौन है?
Ans - कोसी परियोजना उत्तरी बिहार की प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजना है जो 86 करोड रुपए की लागत से पूरी हुई है

Q. बिहार की प्रमुख नदी घाटी परियोजना कौन कौन सी है?
Ans - बिहार की प्रमुख नदी घाटी परियोजना में  सोन बैराज,पूर्वी एवं पक्षमी लिंक नहर तथा दो नहर परियोजना निर्मित की गई है। सोन बैराज जिसे इंद्रपुरी(कदवन) बैराज भी कहा जाता है एक जलाशय है, जिसका निर्माण वर्ष 1960 में प्रारंभ हुआ तथा वर्ष 1965 में पूर्ण हुआ

Q. बिहार का पहला नदी घाटी परियोजना कौन है?
Ans - दामोदर घाटी निगम (Damodar Valley Corporation) भारत का बहूद्देश्यीय नदी घाटी परियोजना है। यह स्वतंत्र भारत की प्रथम बहूद्देशीय नदी घाटी परियोजना के रूप में, अस्तित्व आया।

Q. बिहार की प्रमुख नदी कौन सी है?
Ans - बिहार की प्रमुख नदी जैसे - गंगा नदी, कोसी नदी, बागमती नदी, सरयू नदी, बूढ़ी गंडक नदी,कमला नदी, महानंदा नदी, पुनपुन नदी है

Q. सबसे बड़ी नदी घाटी परियोजना कौन सी है?
Ans - भाखड़ा नांगल परियोजना पंजाब में सतलुज नदी पर स्थित भारत की सबसे बड़ी बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना है। यह राजस्थान, पंजाब और हरियाणा की संयुक्त परियोजना है।

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